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Home Khabar Junction Agriculture Sankalp Abhiyan Developed From 29 May Agriculture Minister Said Will Give Information About Kharif Crops To Farmers

29 मई से विकसित कृषि संकल्प अभियान: कृषि मंत्री बोले- किसानों को देंगे खरीफ फसलों की जानकारी, सीधा संवाद होगा

गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा Published by: Himanshu Mishra Updated Mon, 19 May 2025 12:15 PM IST
सार

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक राष्ट्र, एक कृषि और एक टीम का नारा भी दिया। बोले- किसान वैज्ञानिकों से चर्चा कर सकें। इससे किसान और विज्ञान एक साथ आ सकेंगे। 

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बताया कि कृषि मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और राज्य सरकार के कृषि विभाग के साथ मिलकर 29 मई से 12 जून 2025 तक पूरे देश में विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाएगा। इसके तहत देश के विभिन्न गांवों में किसानों को खरीफ फसलों के बारे में जानकारी दी जाएगी। चौहान ने ये भी बताया कि इस बारे में वह खुद आज राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे।

एक राष्ट्र, एक कृषि और एक टीम का नारा भी दिया
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक राष्ट्र, एक कृषि और एक टीम का नारा भी दिया। बोले- किसान वैज्ञानिकों से चर्चा कर सकें। इससे किसान और विज्ञान एक साथ आ सकेंगे। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक चर्चा के अनुसार किसानों की समस्याओं पर शोध करेंगे और फिर उसके अनुसार किसानों को समाधान दिया जाएगा। हमारा उद्देश्य इस अभियान को इस इरादे से शुरू करना है कि किसान लाभ के लिए खेती करें। 

चौहान ने कहा कि इस अभियान का मकसद खरीफ मौसम में उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों, पशुपालन, मुर्गीपालन, मत्स्यपालन आदि से संबंधित आधुनिक तकनीकों के बारे में किसानों को जागरूक करना है। किसानों के लिए उपयोगी विभिन्न सरकारी योजनाओं और नीतियों के बारे में उन्हें जानकारी दी जाएगी। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लाभों के बारे में किसानों को जागरूक किया जाएगा।

सभी कृषि वैज्ञानिक शामिल होंगे
चौहान ने बताया कि इस अभियान को सही तरीके से चलाने के लिए देश के सभी 731 कृषि विज्ञान केंद्रों के विशेषज्ञ, 113 आईसीएआर संस्थानों के वैज्ञानिक, राज्यों के कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन आदि विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। यह अभियान जिला स्तर पर केवीके द्वारा चलाया जाएगा। हर जिले में तीन टीमें बनाई गई हैं और प्रत्येक टीम में 4-5 विषय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, विभिन्न विभागों के अधिकारी, नवाचारी किसान आदि शामिल हैं। हमारे पास 16 हजार कृषि वैज्ञानिक हैं। अभियान के लिए 2170 टीमें बनी हैं। एक टीम में चार साइंटिस्ट होंगे जो किसानों की मदद करेंगे। 

ये भी जानें 
  • हर टीम रोज तीन ग्राम पंचायतों का दौरा करेगी और 500-600 किसानों से सीधे बात करेगी। 
  • कार्यक्रम के तहत 1.30 करोड़ से अधिक किसानों से सीधे संपर्क किया जाएगा और उनसे बात किया जाएगा। 
  • कार्यक्रम के तहत विशेष रूप से आदिवासी बहुल, आकांक्षी और प्रतिकूल परिस्थितियों वाले गांवों के किसानों को जागरूक किया जाएगा। 
  • अभियान के अंतर्गत चर्चा के मुख्य विषय- प्राकृतिक खेती का प्रचार-प्रसार, किसानों को कृषि में ड्रोन तकनीक के उपयोग साथ ही नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के बारे में जानकारी के साथ-साथ विभिन्न आधुनिक तकनीकों को भी वीडियो के माध्यम से दिखाया जाएगा।
  • किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार और कृषि के संबंधित विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। 
  • किसानों को खरीफ मौसम में उगाई जाने वाली फसलों के उन्नत बीजों और तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। 
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लाभों के बारे में किसानों को जागरूक करना ताकि उसमें उपलब्ध जानकारी के अनुसार फसलों के चयन और उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी जाएगी। 
  • किसानों को पशुपालन, मुर्गीपालन, मत्स्यपालन आदि से संबंधित आधुनिक तकनीकों जैसे पोषण, साइलेज, रोग और उसकी रोकथाम आदि के बारे में चर्चा की जाएगी। 

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